जेफरीज के ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड का कहना है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में जापान को छोड़कर, रेलेटिव-रिटर्न पोर्टफोलियो में भारतीय इक्विटी में अपने निवेश में एक फीसदी की कटौती की है. ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया में आधे फीसदी का चेंज किया है. लेकिन चीन का इनवेस्टमेंट वेटेज 2 फीसदी बढ़ाया. अगर आसान शब्दों में कहें तो अब वुड को चीन में ज्यादा कमाई के ऑप्शन नज़र आ रहे है. ऐसे में चीन का वेटेज बढ़ाना भारतीय बाजारों के लिए चिंता की बात है.
अब किस देश का कितना इनवेस्टमेंट वेटेज है? (सॉर्स- ग्रीड एंड फीयर )
| देश | वेटेज |
| चीन | 26.5 फीसदी |
| भारत | 18.6 फीसदी |
| ताइवान | 16.8 फीसदी |
| ऑस्ट्रेलिया | 15.7 फीसदी |
| हॉन्ग कॉन्ग | 4.1 फीसदी |
| सिंगापुर | 3 फीसदी |
| इंडोनेशिया | 1.6 फीसदी |
| मलेशिया | 1.4 फीसदी |
| थाइलैंड | 1.4 फीसदी |
वुड ने लिखा कि चीन में तूफानी तेजी आई है. सीएसआई 300 इंडेक्स सोमवार को 8.5 फीसदी और पांच कारोबारी दिनों में 25.1 फीसदी बढ़ा है. अब 7 दिन की छुट्टी के बाद शंघाई में कारोबार का 8 अक्टूबर को होगा.
लिहाजा- MSCI AC एशिया पैसिफिक एक्स-जापान और MSCI इमर्जिंग मार्केट्स बेंचमार्क में चीन के वेटेज में कोई चेंज नहीं आया है. एमसीआई इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स 3.4 और 3.7 फीसदी बढ़कर 26.5 फीसदी और 27.8 फीसदी हो गए हैं.